नई दिल्ली | आरबीएन न्यूज़
ईरान में जारी संघर्ष और इसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में आई बाधा का असर अब भारत के आतिथ्य क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में होटल और रेस्टोरेंट वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण संचालन में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
इस संकट का मुख्य कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास की स्थिति को माना जा रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और भारत की बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात इसी मार्ग से होती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है।
आंकड़ों के अनुसार:
- भारत हर वर्ष लगभग 31 मिलियन टन एलपीजी की खपत करता है
- कुल आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक आयात किया जाता है
- आयातित एलपीजी का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है
ईरान क्षेत्र में तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे एलपीजी वितरण में बाधाएं सामने आ रही हैं।
होटल और रेस्टोरेंट सबसे ज्यादा प्रभावित
भारत में एलपीजी की कुल खपत का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू उपयोग में जाता है, जबकि शेष हिस्सा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों द्वारा उपयोग किया जाता है।
रेस्टोरेंट उद्योग का बड़ा हिस्सा वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर करता है क्योंकि कई स्थानों पर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) या अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं हैं।




