मेक्सिको सिटी:
मेक्सिको के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल और कुख्यात ड्रग सरगना नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिसे दुनिया ‘एल मेन्चो’ के नाम से जानती थी, अब जीवित नहीं है। एक सैन्य अभियान के दौरान उसे पकड़ने की कोशिश में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। उसके निधन के साथ ही मेक्सिको के संगठित अपराध जगत का एक बड़ा अध्याय समाप्त हुआ, लेकिन उसके द्वारा खड़ी की गई हिंसक विरासत और नेटवर्क अब भी देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं।
एल मेन्चो Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का प्रमुख था, जिसे आज मेक्सिको के सबसे शक्तिशाली और आक्रामक ड्रग कार्टेलों में गिना जाता है। अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी गिरफ्तारी या जानकारी देने वाले के लिए 1.5 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी।
साधारण पृष्ठभूमि से अपराध जगत तक का सफर
एल मेन्चो का जन्म 1966 में मेक्सिको के मिचोआकान प्रांत के एक गरीब ग्रामीण इलाके में हुआ था। यह इलाका दशकों से अवैध खेती, अफीम और मारिजुआना उत्पादन तथा कार्टेल गतिविधियों के लिए बदनाम रहा है। शुरुआती जीवन में वह खेतों में काम करता था और एवोकाडो की खेती से जुड़ा रहा।
बेहतर भविष्य की तलाश में वह अमेरिका गया, लेकिन वहां उसका नाम हेरोइन तस्करी के मामलों में सामने आया। उसे अमेरिका में गिरफ्तार किया गया और कुछ वर्षों तक जेल में सजा काटनी पड़ी। बाद में उसे मेक्सिको वापस भेज दिया गया।
मेक्सिको लौटने के बाद उसने कुछ समय के लिए स्थानीय पुलिस में नौकरी की। यही अनुभव बाद में उसके अपराध साम्राज्य की रणनीतिक ताकत बना, क्योंकि उसे कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली की गहरी समझ मिल गई थी।
मिलेनियो कार्टेल से CJNG की स्थापना
पुलिस सेवा छोड़ने के बाद ओसेगुएरा ने अपराध जगत का रुख किया और मिलेनियो कार्टेल से जुड़ गया, जो कि Sinaloa Cartel का सहयोगी संगठन था। समय के साथ वह कार्टेल के भीतर एक प्रभावशाली ‘एन्फोर्सर’ बन गया।




