New Delhi | आरबीएन न्यूज़
अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने जेनेवा में परमाणु मुद्दे पर तीसरे दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता की, जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया है, हालांकि किसी ठोस समझौते की घोषणा नहीं की गई।
यह बातचीत ओमान की मध्यस्थता में हुई। ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने बताया कि वार्ता लगभग तीन घंटे चली और इसमें “रचनात्मक और सकारात्मक विचारों” का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि वार्ताकार थोड़े विराम के बाद फिर से मिलेंगे।
बढ़ते सैन्य तनाव के बीच बातचीत
यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है, जिसे 2003 के बाद का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा बताया जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वे कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन यदि समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा। तेहरान ने दोहराया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वह केवल परमाणु मुद्दों पर ही चर्चा करेगा।
वार्ता की सीमाएं और मतभेद
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी क्षेत्रीय नीतियों या रक्षा मुद्दों पर चर्चा नहीं करेगा। वहीं, अमेरिकी पक्ष व्यापक सुरक्षा चिंताओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताता रहा है।
इस चरण में वार्ता का केंद्र बिंदु परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़ी तकनीकी एवं निगरानी व्यवस्थाएं हैं।





