Delhi: भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने 26 फरवरी 2026 को जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन समारोह में भाग लिया। यह कार्यक्रम श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट, जमशेदपुर द्वारा आयोजित किया गया।
यह भूमि पूजन समारोह मंदिर निर्माण की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है और क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“महाप्रभु जगन्नाथ संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी हैं”
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ समस्त सृष्टि के स्वामी हैं और उनकी कृपा बिना किसी भेदभाव के संपूर्ण मानवता पर समान रूप से बरसती है।
उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की भक्ति सामाजिक समरसता, समानता और करुणा का संदेश देती है, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का मूल तत्व है।
कोल्हान क्षेत्र: जनजातीय और आध्यात्मिक परंपराओं का संगम
राष्ट्रपति ने झारखंड के कोल्हान क्षेत्र की विशेष सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र जनजातीय परंपराओं और देश की अन्य आध्यात्मिक परंपराओं के सुंदर संगम का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि:
- यहां के लोगों ने सदियों पुरानी परंपराओं को संरक्षित रखा है।
- विभिन्न समुदायों के लोग सौहार्दपूर्वक साथ रहते हैं।
- सामाजिक सद्भाव ही महाप्रभु जगन्नाथ की भक्ति का आधार है।
वैश्विक संघर्षों पर चिंता
राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्व में चल रहे युद्धों और संघर्षों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ये घटनाएं दुख और चिंता का विषय हैं।





