नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 25 और 26 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनका जम्मू-कश्मीर का पहला (मैडेन) दौरा होगा। इस यात्रा को संवैधानिक गरिमा, शैक्षणिक सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे का मुख्य आकर्षण 26 फरवरी को श्रीनगर स्थित University of Kashmir के दीक्षांत समारोह में उनकी उपस्थिति रहेगी, जहां वे मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को संबोधित करेंगे और उपाधियाँ प्रदान करेंगे।
दौरे का व्यापक संदर्भ
जम्मू-कश्मीर वर्तमान समय में विकास, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र में निवेश, संस्थागत विस्तार और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जम्मू-कश्मीर में उच्च शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को नई दिशा देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
संवैधानिक दृष्टि से भी यह यात्रा महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होने के साथ-साथ देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होते हैं। उनकी उपस्थिति क्षेत्र में राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का संदेश देती है।
दीक्षांत समारोह: युवाओं के लिए प्रेरणा का क्षण
26 फरवरी को कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हजारों छात्र-छात्राएं अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाएंगे। इस अवसर पर:





