नई दिल्ली:
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (23 फरवरी 2026) राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्र भारत के पहले और एकमात्र भारतीय गवर्नर जनरल श्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा (बस्ट) का अनावरण किया। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति भवन के ग्रैंड ओपन स्टेयरकेस, अशोक मंडप के समीप महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने स्थापित यह बस्ट, एडविन लुटियंस की प्रतिमा का स्थान लेता है। यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को हटाने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को गर्व के साथ अपनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘विकसित भारत 2047’ की प्रेरणा: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा:
“जब हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तब राजाजी जैसे महान व्यक्तित्व हमें अपने विचारों और आदर्शों से प्रेरित करते हैं।”
उन्होंने कहा कि राजाजी ने मानसिक उपनिवेशवाद से मुक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया। जब वे गवर्नमेंट हाउस (वर्तमान राष्ट्रपति भवन) पहुंचे, तो उन्होंने अपने कक्ष में रामकृष्ण परमहंस और महात्मा गांधी के चित्र स्थापित किए, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि भारत भले ही औपचारिक रूप से डोमिनियन था, परंतु भारतीयों के हृदय में पूर्ण स्वराज स्थापित हो चुका था।
राजाजी उत्सव और प्रदर्शनी
प्रतिमा अनावरण के बाद राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ में भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:





